राजवृत्त-रक्षा-प्रणिधि-षाड्गुण्योपदेशः
Royal Conduct, Protection, Intelligence, and Policy Measures
वसुमना उवाच केन भूतानि वर्धन्ते क्षयं गच्छन्ति केन वा । कमर्चन्तो महाप्राज्ञ सुखमव्ययमाप्रुयु:,वसुमना बोले--महामते! राज्यमें रहनेवाले प्राणियोंकी वृद्धि कैसे होती है? उनका हास कैसे हो सकता है? किस देवताकी पूजा करनेवाले लोगोंको अक्षय सुखकी प्राप्ति हो सकती है?
قال فَسُومَنَا: «أيها الحكيم العظيم! بماذا تنمو الكائنات التي تعيش في المملكة؟ وبماذا تؤول إلى النقصان والهلاك؟ وأيَّ إلهٍ يعبده الناس لينالوا سعادةً لا تفنى؟»
वसुमना उवाच