Varṇa-dharma and Rājadharma: Yudhiṣṭhira’s Inquiry and Bhīṣma’s Normative Outline (वर्णधर्म-राजधर्म-प्रश्नोत्तरम्)
व्यवहार: सुसूक्ष्मक्ष तथा कण्टकशोधनम् । श्रमो व्यायामयोगकश्न त्यागो द्रव्यस्य संग्रह:,शासनसम्बन्धी अत्यन्त सूक्ष्म व्यवहार, कण्टक-शोधन (राज्यकार्यमें विघ्न डालनेवालेको उखाड़ फेंकना), परिश्रम, व्यायाम-योग तथा धनके त्याग और संग्रहका भी उसमें प्रतिपादन किया गया है
قال بهيشما: إن ذلك المُصنَّف قد بيَّن بدقّة بالغة شؤون السّياسة وتدبير الحكم؛ من «تنقية الأشواك» أي اقتلاع من يعوق أعمال الدولة، إلى الكدح والرياضة وممارسة اليوغا، وكذلك التخلّي عن المال وجمعه.
भीष्म उवाच