आहवे5भिमुखा: केचिन्निहतास्त्रिदिवं गता: | केचिदुउ्छव्रतै: सिद्धा: स्वर्गमार्ग समाश्रिता:,कुछ वीर पुरुष युद्धमें शत्रुओंका सामना करते हुए मारे जाकर स्वर्गलोकमें जा पहुँचे हैं। कितने ही मनुष्य उज्छवृत्तिके द्वारा सिद्धि प्राप्त करके स्वर्गगामी हुए हैं
«ومنهم من واجه القتال وجهاً لوجه، فقُتل فمضى إلى تْرِدِفَا، أي السماء. ومنهم من تكمّل بعهودٍ عليا ونذورٍ سامية، فاعتنق طريق السماء.»
ब्राह्मण उवाच