वारुणी सभा — Varuṇa’s Divine Assembly
Nārada’s Description
सा सभा सुखसंस्पर्शा न शीता न च घर्मदा । वेश्मासनवती रम्या सिता वरुणपालिता,वरुणकी सभाका स्पर्श बड़ा ही सुखद है, वहाँ न सर्दी है, न गर्मी। उसका रंग श्वेत है, उसमें कितने ही कमरे और आसन (दिव्य मंच आदि) सजाये गये हैं। वरुणजीके द्वारा सुरक्षित वह सभा बड़ी रमणीय जान पड़ती है
وكانت قاعة فارونا لذيذة الملمس، لا برد فيها ولا حرّ. بيضاء ناصعة، تضم غرفًا كثيرة ومقاعد (كالمصاطب الإلهية) مُهيّأة. وتحت حراسة فارونا بدت تلك القاعة بهيجة فاتنة.
नारद उवाच