हिमवत्यनुशिष्टोडसि मेरुसावर्णिना पुरा । द्वैपायनेन कृष्णेन नगरे वारणावते,पूर्वकालमें मेरुसावर्णिने हिमालयपर तुम्हें धर्म और ज्ञानका उपदेश दिया है, वारणावत नगरमें श्रीकृष्णद्वैपायन व्यासजीने, भृगुतुंग पर्वतपर परशुरामजीने तथा दृषद्वतीके तटपर साक्षात् भगवान् शंकरने तुम्हें अपने सदुपदेशसे कृतार्थ किया है। अंजन पर्वतपर तुमने महर्षि असितका भी उपदेश सुना है
himavaty anuśiṣṭo 'si merusāvarṇinā purā | dvaipāyanena kṛṣṇena nagare vāraṇāvate |
يُذكِّر فيدورا دِهرتراشترا: «لقد تلقيتَ من قبلُ الهداية على أيدي معلمين عظام في مواضع مقدسة: فقد علّمك مِروسافَرْني قديمًا في جبال الهيمالايا، ووعظك كريشنا دْوَيبايانا ڤياسا في مدينة ڤارانافاتا». وقوة هذا التذكير أخلاقيةٌ لاذعة: لقد قُدِّم لك النصح مرارًا؛ فاستمرار العمى عن الدارما ليس لقلّة تعليم، بل لرفض الإصغاء.
विदुर उवाच