Jarāsandha–Bhīma Niyuddha-prastāvaḥ
Commencement of the Regulated Duel
ततोअर्धरात्रे सम्प्राप्ते यातो यत्र स्थिता द्विजा: । तस्य होतद् व्रतं राजन् बभूव भुवि विश्रुतम्,तब राजा उन्हें यज्ञशालामें ठहराकर स्वयं राजभवनमें चला गया। फिर आधी रात होनेपर जहाँ वे ब्राह्मण ठहरे थे, वहाँ वह गया। राजन! उसका यह नियम भूमण्डलमें विख्यात था
فلما حلّ انتصاف الليل مضى إلى حيث كان أولئك الدِّوِجَة (البراهمة) مقيمين. أيها الملك، كان ذلك النذر (الفْرَتَة) مشهوراً في الأرض.
वैशम्पायन उवाच