Kṛṣṇasya Khāṇḍavaprasthāt Dvārakā-prayāṇaḥ | Krishna’s Departure for Dvārakā
स कृत्वा सर्वकार्याणि प्रतस्थे तस्थुषां वर: | उपेत्य स यदुश्रेष्ठो बाह्मुकक्षाद् विनिर्गत:,प्रतिष्ठित पुरुषोंमें श्रेष्ठ यदुप्रवर श्रीकृष्ण यात्राकालोचित सब कार्य पूर्ण करके प्रस्थित हुए और भीतरसे चलकर बाहरी ड्योढ़ीको पार करते हुए राजभवनसे बाहर निकले
إنَّ شري كريشنا، أرفعَ اليادويّين وأفضلَ الثابتين مقامًا، لمّا أتمَّ جميع الأعمال اللائقة بوقت الارتحال، انطلق في مسيره؛ فخرج من الداخل، واجتاز دهليز الباب الخارجي، وبرز من القصر الملكي.
वैशम्पायन उवाच