अभिमन्युवधः
Abhimanyu’s Fall and the Battlefield Aftermath
अस्यतो लघुहस्तस्य पृषत्कैर्धनुराच्छिनत् । अश्वानस्यावधीद् भोजो गौतम: पार्ष्णिसारथी,“यदि तुम इसे परास्त करना चाहते हो तो इसके रथ और धनुषको नष्ट कर दो।' आचार्यकी यह बात सुनकर विकर्तनपुत्र कर्णने बड़ी उतावलीके साथ अपने बाणोंद्वारा शीघ्रतापूर्वक हाथ चलाते हुए अस्त्रोंका प्रयोग करनेवाले अभिमन्युके धनुषको काट दिया। भोजवंशी कृतवर्माने उसके घोड़े मार डाले और कृपाचार्यने दोनों पार्श्वरक्षकोंका काम तमाम कर दिया
asyato laghu-hastasya pṛṣatkaiḥ dhanur āchinat | aśvān asyāvadīd bhojo gautamaḥ pārṣṇi-sārathiḥ |
قال سنجيا: وبينما كان يحرّك يده بخفة، قُطع قوسه بوابلٍ من السهام. ثم إن كريتَفَرما، محارب البهوْجا، قتل خيله، وأما غوتَما كِرْبا—حامي الجانبين—فقد أنهى أمر الحارسين الجانبيين.
संजय उवाच