कुलक्रमागतं वैरं ममाचार्येण विश्रुतम् । तथा जानात्ययं लोको न यूय॑ पाण्डुनन्दना:,द्रोणाचार्यके साथ मेरा वंशपरम्परागत वैर चला आ रहा है, जो बहुत प्रसिद्ध है। उसे यह सारा संसार जानता है; क्या तुम पाण्डवोंको इसका पता नहीं है?
kulakramāgataṁ vairaṁ mamācāryeṇa viśrutam | tathā jānāty ayaṁ loko na yūyaṁ pāṇḍunandanāḥ ||
قال دْهْرِشْتَدْيُومْنَا: «إن العداوة بين سلالتي وبين مُعلّمي قد توارثتها الأجيال، وهي مشهورة. العالم كلّه يعرفها؛ أفلا تعرفونها أنتم أيضًا، يا أبناء باندو؟»
धष्टहुम्न उवाच