बभ्रुवाहन-धनंजययोः संग्रामः
Babhruvāhana and Dhanaṃjaya’s engagement at Maṇipūra
सर्वास्तानन्तराच्छित्त्वा तदा चुक्रोश पाण्डव: । परंतु महाबली किरीटधारी पाण्डुकुमार अर्जुनने उनका सारा मनसूबा व्यर्थ कर दिया। उन्होंने उन सभी प्रासों और शक्तियोंको बीचसे ही काटकर बड़े जोरसे गर्जना की ।।
قال فايشَمبايانا: «ثم إن الباندَفي قطعَ كلَّ تلك الرماحِ وسلاحَ الشَّكتي من وسطها، وزأرَ زئيرًا شديدًا؛ وكذلك في مواجهة المقاتلين المُندفعين، المتعطّشين للنصر، …»
वैशम्पायन उवाच