अश्रमवासिनां विषादः — Lament in Hastināpura after the Elders’ Forest Withdrawal
यस्यास्तु श्वशुरो धीमान् बाह्विक: स कुरूद्गवह: । निहतः सोमदत्तश्न पित्रा सह महारणे,'ये भूरिश्रवाकी परम प्यारी पत्नी बैठी है, जो पतिकी मृत्युके शोकसे व्याकुल हो अत्यन्त दुःखमें मग्न रहती है। इसके बुद्धिमान् श्वशुर कुरुश्रेष्ठ बाह्लिक भी मारे गये हैं। भूरिश्रवाके पिता सोमदत्त भी अपने पिताके साथ ही उस महासमरमें वीरगतिको प्राप्त हुए थे
yasyāstu śvaśuro dhīmān bāhvikaḥ sa kurūdgavaḥ | nihataḥ somadattaś ca pitrā saha mahāraṇe ||
قال فايشَمبايانا: «لقد قُتل حموها الحكيم باهليكا—أشرف رجال الكورو. وقُتل سوماداتا أيضًا، مع أبيه، في تلك المعركة العظمى».
वैशम्पायन उवाच