आदि पर्व — अध्याय 39: तक्षक–काश्यप संवादः, न्यग्रोधसंजीवनम्, पारिक्षितोपायः
उत्पन्न: स जरत्कारुस्तपस्युग्रे रतो द्विज: । तस्यैष भगिनीं काले जरत्कारुं प्रयच्छतु,अब जरत्कारु ब्राह्मण उत्पन्न होकर उग्र तपस्यामें लगे हैं। अवसर देखकर ये वासुकि अपनी बहिन जरत्कारुको उन महर्षिकी सेवामें समर्पित कर दें
لقد وُلد الآن الدويجا، البراهمي جاراتكارُو، وهو منغمسٌ في تَـبَسْيا قاسية. فإذا حان الأوان، فليُقدِّم ڤاسُكي أخته—جاراتكارُو—لتكون زوجًا لذلك المهرشي العظيم.
एलापत्र उवाच