पुत्रान् प्रति वदन् भीतो लोकपालं महौजसम् । अग्निदेवके संकल्पको जानकर और अपने पुत्रोंकी बाल्यावस्थाका विचार करके ब्रह्मर्षि मन्दपाल भयभीत होकर महातेजस्वी लोकपाल अग्निसे अपने पुत्रोंकी रक्षाके लिये निवेदन करते हुए (ईश्वरकी भाँति) उनकी स्तुति करने लगे
قال فايشَمبايانا: لما علم البْرَهْمَرِشي ماندابالا بعزم الإله أغني، وتذكّر حداثة سنّ أبنائه، استولى عليه الخوف؛ فراح يتضرّع إلى أغني—حارس العالم ذي البأس والوهج—أن يحفظ أبناءه، وشرع يثني عليه كما يُنشد الثناء للربّ الأعلى.
वैशम्पायन उवाच