बकवधोत्तर-प्रशमनम् | Post-slaying Stabilization after Baka’s Death
महावृक्षगलस्कन्ध: शड्कुकर्णो बिभीषण: । यदृच्छया तानपश्यत् पाण्डुपुत्रान् महारथान्,उसका गला और कंधे महान् वृक्षके समान जान पड़ते थे। दोनों कान भालेके समान लम्बे और नुकीले थे। वह देखनेमें बड़ा भयानक था। दैवेच्छासे उसकी दृष्टि उन महारथी पाण्डवोंपर पड़ी
كان عنقه وكتفاه كجذع شجرة عظيمة، وأذناه طويلتين حادتين كالرماح. وكان منظره مروّعًا. وبمحض المصادفة التي ساقها القدر وقعت عيناه على أبناء باندو، أولئك المَهارَثَة.
वैशम्पायन उवाच