Ādi-parva Adhyāya 132 — Duryodhana’s Instructions to Purocana at Vāraṇāvata
Lākṣāgṛha Planning
बुद्धियोगबलोत्साहै: सर्वास्त्रिषु च निष्ठित: । अस्त्रे गुर्वनुरागे च विशिष्टो5भवदर्जुन:,बुद्धि, मनकी एकाग्रता, बल और उत्साहके कारण वे सम्पूर्ण अस्त्र-विद्याओंमें प्रवीण हुए। अस्त्रोंके अभ्यास तथा गुरुके प्रति अनुरागमें भी अर्जुनका स्थान सबसे ऊँचा था
وبفضل العقل، وتركيز النفس، والقوة، والحماسة، ترسّخ أرجونا في جميع علوم السلاح. وتميّز كذلك في المران على الأسلحة وفي مودّته المخلصة لمعلّمه، فكان له المقام الأرفع.
वैशम्पायन उवाच