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Shloka 51

Rāma’s Service to Parents and Departure to Visit the Paternal Grandparents

Pitāmaha-gṛha-gamana

प्रविवेश विनीतात्मा सुकृतीवामरालयम् / संप्रविश्यश्रमोपान्तं रामः स्वप्रपितामहम्

praviveśa vinītātmā sukṛtīvāmarālayam / saṃpraviśyaśramopāntaṃ rāmaḥ svaprapitāmaham

دخل راما، متواضع النفس، إلى محيط الآشرم كما يدخل صاحب البرّ إلى مقام الآلهة، ثم تقدّم إلى جدّه الأعلى من أسلافه.

प्रविवेशentered
प्रविवेश:
क्रिया (मुख्य)
TypeVerb
Rootप्र + √विश् (धातु)
Formलिट् (Perfect/परोक्षभूत), प्रथमपुरुष (3rd), एकवचन; परस्मैपद
विनीत-आत्माone whose self is disciplined
विनीत-आत्मा:
कर्ता (Agent/कर्ता)
TypeNoun
Rootविनीत (कृदन्त; वि+√नी धातु, क्त) + आत्मन् (प्रातिपदिक)
Formपुंलिङ्ग, प्रथमा (1), एकवचन; बहुव्रीहिः (यस्य आत्मा विनीतः सः)
सुकृतीa meritorious person
सुकृती:
कर्ता (उपमान-कर्ता)
TypeNoun
Rootसुकृतिन् (प्रातिपदिक)
Formपुंलिङ्ग, प्रथमा (1), एकवचन
इवlike
इव:
सम्बन्ध (उपमा)
TypeIndeclinable
Rootइव (अव्यय)
Formअव्यय; उपमा-वाचक
अमर-आलयम्abode of the immortals (heaven)
अमर-आलयम्:
कर्म (Object/कर्म)
TypeNoun
Rootअमर (प्रातिपदिक) + आलय (प्रातिपदिक)
Formपुंलिङ्ग, द्वितीया (2), एकवचन; समासः—तत्पुरुषः (अमराणाम् आलयः)
संप्रविश्यhaving entered
संप्रविश्य:
पूर्वकाल-क्रिया (having entered)
TypeVerb
Rootसम् + प्र + √विश् (धातु)
Formक्त्वान्त (absolutive/gerund); अव्ययभाव (indeclinable verbal)
आश्रम-उपान्तम्the vicinity of the hermitage
आश्रम-उपान्तम्:
कर्म (Object/कर्म)
TypeNoun
Rootआश्रम (प्रातिपदिक) + उपान्त (प्रातिपदिक)
Formनपुंसकलिङ्ग, द्वितीया (2), एकवचन; समासः—तत्पुरुषः (आश्रमस्य उपान्तः = समीपदेशः)
रामःRama
रामः:
कर्ता (Agent/कर्ता)
TypeNoun
Rootराम (प्रातिपदिक)
Formपुंलिङ्ग, प्रथमा (1), एकवचन
स्व-प्रपितामहम्his own great-grandfather
स्व-प्रपितामहम्:
कर्म (Object/कर्म)
TypeNoun
Rootस्व (प्रातिपदिक) + प्रपितामह (प्रातिपदिक)
Formपुंलिङ्ग, द्वितीया (2), एकवचन; समासः—कर्मधारयः (स्वः प्रपितामहः)