तत्र स्नात्वा तु पीत्वा तु मुच्यते सर्वकल्मषात् सावित्री चैव गायत्री श्रद्धा मेधा सरस्वती //
هذا الموضع لا يورد إلا الرقم «2» دون نصٍّ سنسكريتي؛ لذا يتعذّر تقديم ترجمة ذات معنى.