Ballava (Bhīma) Seeks Employment as Royal Cook in Virāṭa’s Court
नराधिपो राष्ट्रपतिं यशस्विनं महायशा: कौरववंशवर्धन: । महानुभावो नरराजसत्कृतो दुरासदस्तीक्षणविषो यथोरग:,वे बड़े यशस्वी और मत्स्यराष्ट्रके अधिपति थे। राजा युधिष्ठिर भी महान् यशस्वी, कौरववंशकी मर्यादाको बढ़ानेवाले तथा महानुभाव (अत्यन्त प्रभावशाली) थे। सब राजे- महाराजे उनका सत्कार करते थे। तीखे विषवाले सर्पकी भाँति वे दुर्धर्ष थे। बल और रूपकी दृष्टिसे मनुष्योंमें सबसे श्रेष्ठ और महान् थे। अपने अपूर्व रूपके कारण वे देवताके समान जान पड़ते थे। महामेघमालाओंसे आवृत सूर्य तथा राखमें छिपी हुई अग्निके समान उनका तेजस्वी रूप वेशभूषासे आच्छादित था। वे बड़े पराक्रमी थे
narādhipo rāṣṭrapatiṁ yaśasvinaṁ mahāyaśāḥ kauravavaṁśavardhanaḥ | mahānubhāvo nararājasatkṛto durāsadastīkṣṇaviṣo yathoragaḥ ||
毗湿摩波耶那说:人中之主坚战(Yudhiṣṭhira)声名显赫,光大俱卢宗族,气度非凡。诸王皆敬重于他;他难以侵犯,犹如毒牙锐利之蛇。
वैशम्पायन उवाच