धनंजय-दुर्योधन-संग्रामः
Arjuna–Duryodhana Engagement and Admonition
वने द्वादश वर्षाणि यानि सोढानि दुर्मते । तस्याद्य प्रतिकोपस्य फल प्राप्तुहि सम्प्रति,ओ दुर्मते! हमने बारह वर्षोतक वनमें रहकर जो क्लेश सहन किये हैं, उनका बदला चुकानेके लिये आज मेरे बढ़े हुए क्रोधका फल तू अभी चख ले
vane dvādaśa varṣāṇi yāni soḍhāni durmate | tasyādya pratikopasya phalaṃ prāptuṃ hi samprati ||
阿周那说道:“愚昧之徒!十二年林中流放,我们忍尽艰辛。如今,就在此刻,你必将领受那报复之怒的果实——今日便尝个够!”
अर्जुन उवाच