Kīcaka-vadha-pratisaṃjñā: Rumor in Matsya and the Kaurava Scouts’ Report (कीचकवध-प्रतिसंज्ञा)
न हि त्वामुत्सहे वक्तुं स्वयं गन्धर्वरक्षिताम् | स्त्रियास्त्वदोषस्तां वक्तुमतस्त्वां प्रब्रवीम्पहम्,“तुम गन्धर्वोंसे सुरक्षित हो। मैं पुरुष होनेके कारण स्वयं तुमसे कोई बात नहीं कह सकता। किंतु स्त्रीके मुखसे तुम्हारे प्रति यह सब कहलानेमें दोष नहीं है; अत: अपनी पत्नीके द्वारा स्वयं ही तुमसे यह बात कह रहा हूँ"
na hi tvām utsahe vaktuṁ svayaṁ gandharvarakṣitām | striyās tv adoṣas tāṁ vaktum atas tvāṁ prabravīmy aham |
毗舍波耶那说道:“你受乾闼婆所护,因此我身为男子,不敢亲自当面与你言说。但若由女子代为转述,便无失礼之处。故我借我妻之口,将此言传达于你。”
वैशम्पायन उवाच