Kāmyaka-vane Pāṇḍava-nivāsaḥ — Vidurasya āgamanam ca (कamyake वने पाण्डवनिवासः—विदुरस्य आगमनं च)
विदुरस्य प्रभावं च संधिविग्रहकारितम् । विवृद्धि च परां मत्वा पाण्डवानां भविष्यति,उन्होंने सोचा, विदुर संधि और विग्रह आदिकी नीतिको अच्छी तरह जानते हैं, जिसके कारण उनका बहुत बड़ा प्रभाव है। वे पाण्डवोंके पक्षमें हो गये तो भविष्यमें उनका महान् अभ्युदय होगा
他心中思量:“毗度罗深谙和盟与交兵之道,故而威望甚隆。若他转而扶持般度族,则般度族来日必将大兴。”
वैशम्पायन उवाच