Śiva Grants the Pāśupata Astra (Pāśupata-Śastra Upadeśa) | शिवेन पाशुपतास्त्रदानम्
कृतार्थ चावगच्छामि परमात्मानमाहवे । शत्रृंश्न विजितान् सर्वान् निर्वृत्तं च प्रयोजनम्,आज मैं अपने-आपको परम कृतार्थ मानता हूँ, साथ ही यह विश्वास करता हूँ कि महासमरमें अपने समस्त शत्रुओंपर विजय प्राप्त करूँगा। अब मेरा अभीष्ट प्रयोजन सिद्ध हो गया
今日我自知大愿已遂,并深信在那场大决战中,我必将战胜一切仇敌。如今,我所期求之事已然成就。
वैशम्पायन उवाच