मेरे माता-पिताने अत्यन्त दुःखी होकर पहले कई बार मुझे उलाहना दिया है कि *तु देरसे घर लौटता है” ।। का त्ववस्था तयोरद्य मदर्थमिति चिन्तये । तयोरदृश्ये मये च महद् दुःखं भविष्यति,आज मेरे लिये उन दोनोंकी क्या अवस्था हुई होगी? यह सोचकर मुझे बड़ी चिन्ता हो रही है। मुझे न देखनेपर उन दोनोंको महान् दुःख होगा
ka tv avasthā tayor adya madartham iti cintaye | tayor adṛśye maye ca mahad duḥkhaṁ bhaviṣyati ||
“今日因我之故,双亲当处何等境况?”——他忧惧不安地自思自忖。“若我久不现于他们眼前,必将使他们生起巨大的悲苦。”
यम उवाच