सूर्य–कर्णोपदेशः
Sūrya’s Counsel to Karṇa on Kīrti and the Kuṇḍala
इत्युक्त्वान्तरहिते तस्मिन् रामो नलमुवाच ह । कुरु सेतु समुद्रे त्वं शक्तो हसि मतो मम,ऐसा कहकर समुद्र अन्तर्धान हो गया। तत्पश्चात् श्रीयीमने उठकर नलसे कहा--“तुम समुद्रपर एक पुल तैयार करो। मैं जानता हूँ, तुममें यह कार्य करनेकी शक्ति है”
ity uktvāntarhite tasmin rāmo nalam uvāca ha | kuru setuṃ samudre tvaṃ śakto hasi mato mama ||
大海言毕,遂隐没不见。于是罗摩对那罗说道:“你当在海上筑起堤道。依我所见,你具足力量与技艺,必能成就此事。”
मार्कण्डेय उवाच