इन्द्रजिद्-लक्ष्मणयुद्धम्
Indrajit and Lakṣmaṇa: Escalation through Concealment
अनुयाय महाबाहु: फाल्गुनो वाक्यमत्रवीत् । अब उसमें केवल भागनेका उत्साह रह गया था, अतः वह वनकी ओर भागा। सिन्धुराजको केवल भागनेमें ही पराक्रम दिखाता देख महाबाहु अर्जुन उसका पीछा करते हुए बोले--
anuyāya mahābāhuḥ phālguno vākyam abravīt |
毗舍波耶那说道:大臂的法尔古那(阿周那)追赶着他并开口说道。见信度之王把所谓“勇武”只用在奔向森林的逃跑上,阿周那紧追不舍,向他喝道——
वैशम्पायन उवाच