अध्याय २७०: प्रहस्त-वधः, धूम्राक्ष-हननं, कुम्भकर्ण-प्रबोधनम्
Chapter 270: Slaying of Prahasta; Defeat of Dhūmrākṣa; Awakening of Kumbhakarṇa
तामिन्द्रसेनस्त्वरितो 5भिसृत्य रथादवप्लुत्य ततो5भ्यधावत् । प्रोवाच चैनां वचन नरेन्द्र धात्रेयिकामन्तितरस्तदानीम्,राजा जनमेजय! उसे रोती देख सारथि इन्द्रसेन तुरंत रथसे कूद पड़ा और वहाँसे दौड़कर धात्रेयिकाके अत्यन्त निकट जाकर उस समय इस प्रकार बोला--
于是车夫因陀罗塞那急忙趋前,从战车上一跃而下,随即奔去,走到达特雷伊迦近前,当时便如此说道——“噢,阇那美阇耶王!”
वैशम्पायन उवाच