अग्निनाम-वंश-निरूपणम् | Agni-Names and Lineage Enumeration
दोषस्यैतस्य वै ब्रह्मन् विधाते यत्नवानहम् । 'किंतु ब्रह्मन! दैव बलवान है। पूर्वजन्ममें किये हुए कर्मका ही नाम दैव है। उससे पार पाना बहुत कठिन है। यह जो कर्मदोषजनित व्याधके घर जन्म हुआ है, यह मेरे पूर्वजन्ममें किये हुए पापका ही फल है। ब्रह्मन! मैं इस दोषके निवारणके लिये प्रयत्नशील हूँ ।। २६ || विधिना हि हते पूर्व निमित्तं घातको भवेत्,"क्योंकि विधाताके द्वारा पहलेसे ही जीवकी मृत्यु निश्चित की जाती है; किंतु घातक (कसाई अथवा व्याध) उसमें निमित्त बन जाता है अर्थात् जो स्वेच्छासे ज्ञानपूर्वक जीवहिंसा करता है, वह घातक व्यर्थ ही निमित्त बनकर दोषका भागी होता है
doṣasyaitasya vai brahman vidhāte yatnavān aham | vidhinā hi hate pūrvaṁ nimittaṁ ghātako bhavet ||
摩罗迦ṇḍeya说道:“婆罗门啊,我确已尽力在命定所许可的范围内补救此过。因为当众生之死早已为命运所定时,杀者不过是那一事件中的工具。然而,明知而自愿行暴者,即便只是成就宿命的‘因缘’,仍要承担道德之责与罪咎。”
मार्कण्डेय उवाच