ब्राह्मणानुयात्रा—शौनकोपदेशः
Brāhmaṇas Follow into Exile and Śaunaka’s Instruction
अबुधानां गतिस्त्वेषा बुधानामपि मे शृणु । ये धर्मे श्रेयसि रता विमोक्षरतयो जना:,यह अविवेकी पुरुषोंकी गति बतायी गयी है। अब आप मुझसे विवेकी पुरुषोंकी गतिका वर्णन सुनें। जो धर्म एवं कल्याणमार्ममें तत्पर हैं और मोक्षके विषयमें जिनका निरन्तर अनुराग है, वे विवेकी हैं
此乃愚昧之人之归趣。今且听我说智者之归趣:凡乐于趋向至善之法(dharma),并恒常倾心于解脱(mokṣa)者,是为有智之人。
शौनक उवाच