प्रमत्तेष्वभिघातं हि कुर्याच्छाल्वो नराधिप: । इति कृत्वाप्रमत्तास्ते सर्वे वृष्ण्यन्धका: स्थिता:,क्योंकि मदिरासे उन्मत्त हुए लोगोंपर राजा शाल्व घातक प्रहार कर सकता है। यह सोचकर वृष्णि और अन्धकवंशके सभी योद्धा पूरी सावधानीके साथ युद्धमें डटे हुए थे
因为一旦众人因酒而昏狂,沙尔瓦王便能对他们施以致命打击。念及此事,弗利什尼与安陀迦两族的战士无不严加戒备,稳立战阵之中。
वायुदेव उवाच