Sagara’s Aśvamedha Horse Lost; The Sixty-Thousand Sons Begin the Subterranean Search
Kapila Introduced
ते पूर्व तपसा दग्धा मुनिभिर्भावितात्मभि: । यतमाना: परं शक्त्या त्रिदशैर्विनिषूदिता:,उन दैत्योंको शुद्ध अन्तःकरणवाले मुनियोंने अपनी तपस्याद्वारा पहलेसे ही दग्ध-सा कर रखा था, अतः पूरी शक्ति लगाकर अधिक-से-अधिक प्रयास करनेपर भी देवताओंद्वारा वे मार डाले गये
那些代底耶早已被心性澄净的牟尼以苦行之火(tapas)预先灼烧殆尽;因此纵然竭尽全力挣扎,终究仍为诸天所歼灭。
लोगश उवाच