विदुरस्य कृष्णं प्रति शमोपदेशः
Vidura’s Counsel to Krishna on the Limits of Peace
लक्ष्म्या परमया युक्त पुरन्दरगृहोपमम् । विचित्रैरासनैर्युक्त प्रविवेश जनार्दन:,वह घर इन्द्रभवनके समान उत्तम शोभासे सम्पन्न था। उसमें यथास्थान विचित्र आसन सजाकर रखे गये थे। श्रीकृष्णने उस गृहमें प्रवेश किया
lakṣmyā paramayā yuktaṃ purandaragṛhopamam | vicitrair āsanair yuktaṃ praviveśa janārdanaḥ ||
毗湿摩耶那说道:那座府邸具足无上光华,宛如普兰达罗(因陀罗)之宫。其内诸座陈设各异,皆按礼制安置于应有之处。阇那尔达那(奎师那)遂步入其宅。
वैशम्पायन उवाच