यात्वा चाहं कुरून् सर्वान् युष्मदर्थमहापयन् । यतिष्ये प्रशमं कर्तु लक्षयिष्ये च चेष्टितम्,वहाँ पहुँचकर आपके स्वार्थकी सिद्धिमें तनिक भी त्रुटि न आने देते हुए मैं समस्त कौरवोंसे सन्धिस्थापनके लिये प्रयत्न करूँगा और उनकी चेष्टाओंपर दृष्टि रखूँगा
待我抵达彼处,为了你们的利益,我决不容许有丝毫差错。我将竭力与诸考罗婆缔结和议、促成和解,并谨慎注视他们的一切举动与谋划。
युधिछिर उवाच