Sainyasaṅgraha and Bhāga-Vyavasthā (Forces Assembled and Rival Allocations) | सैन्यसंग्रह-भागव्यवस्था
विद्रुतां वाहिनीं मन्ये कृतवैरैर्महात्मभि: । तां रणे केडनुयास्यन्ति प्रभग्नां पाण्डवैर्युधि,मैं तो समझता हूँ; जिनका हमलोगोंके साथ वैर ठन गया है, वे महात्मा पाण्डव समरांगणमें हमारी विशाल सेनाको अवश्य मार भगायेंगे। उनके द्वारा खदेड़ी हुई उस सेनाका अनुसरण अथवा सहयोग कौन कर सकेंगे?
vidrutāṁ vāhinīṁ manye kṛtavairair mahātmabhiḥ | tāṁ raṇe ke 'nuyāsyanti prabhagnāṁ pāṇḍavair yudhi ||
持国王说道:“我预见我军将溃散奔逃。那些与我等结下深仇的大心之般度五子,必在战场上击溃我方浩大军势。待那支军队被般度诸子打碎并驱退之后,谁还能追随它——谁还能站在它一边、扶持它?”
धृतराष्ट उवाच