उद्योगपर्व — अध्याय 33: धृतराष्ट्र-विदुर संवादः (विदुरनीतिः)
जिता सभा वस्त्रवता मिष्टाशा गोमता जिता । अध्वा जितो यानवता सर्व शीलवता जितम्,अच्छे वस्त्रवाला सभाको जीतता (अपना प्रभाव जमा लेता) है; जिसके पास गौ है, वह (दूध, घी, मक्खन, खोवा आदि पदार्थोके आस्वादनसे) मीठे स्वादकी आकांक्षाको जीत लेता है, सवारीसे चलनेवाला मार्गको जीत लेता (तय कर लेता) है और शीलस्वभाववाला पुरुष सबपर विजय पा लेता है
jitā sabhā vastravatā miṣṭāśā gomatā jitā | adhvā jito yānavatā sarvaṁ śīlavatā jitam ||
毗度罗说:衣着整肃者在会众中易得认可;拥有牛群者因乳与乳制品而能克制对甜腻滋味的贪求;有车乘者“征服道路”,使旅程轻易;而品行端正之人则能征服一切。此教诲表明:外在资具只能解除某些障碍,唯有品德——śīla——带来最高、最普遍的胜利。
विदुर उवाच