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Shloka 9

Bhīṣma’s Appraisal of Kaurava Champions (भीष्मकृतः रथिनां गुणनिरूपणम्)

यात्रायाने च युद्धे च तथा प्रशमनेषु च | भृशं वेद महाराज यथा वेद बृहस्पति:,“महाराज! मैं युद्धके लिये यात्रा करने, युद्ध करने तथा विपक्षीके चलाये हुए अस्त्रोंका प्रतीकार करनेके विषयमें जैसा बृहस्पति जानते हैं, उसी प्रकार सम्पूर्ण आवश्यक बातोंकी विशेष जानकारी रखता हूँ

三阇耶说道:“大王!无论是出征行军、临阵交战,还是平定局势、抵御敌方所发之兵器,我都深知其要,如同布里哈斯帕提所知一般。”

संजय उवाच