Upaśruti Guides Indrāṇī to Indra; Indrāṇī Reports Nahuṣa’s Misconduct (उपश्रुति-इन्द्राणी-इन्द्रदर्शन प्रसङ्गः)
क्षिप्रमन्वेहि भद् ते द्रक्ष्यसे सुरसत्तमम् । ततस्तां प्रहितां देवीमिन्द्राणी सा समन्वगात्,तुम्हारा कल्याण हो। तुम शीघ्र मेरे पीछे-पीछे चली आओ। तुम्हें सुरश्रेष्ठ देवराजके दर्शन होंगे। ऐसा कहकर उपश्रुति देवी वहाँसे चल दीं; फिर इन्द्राणी भी उनके पीछे हो लीं
kṣipram anv ehi bhad te drakṣyase surasattamam | tatas tāṃ prahitāṃ devīm indrāṇī sā samanvagāt |
“愿你吉祥。速随我来;你将得见诸天之最、天众之主。”言毕,女神优波室噜提自彼处启行;而被引领同行的因陀罗尼亦随其后。
शल्य उवाच