Gāndhārī’s Battlefield Survey: The Fallen and the Onset of Funeral Rites (शल्य-भगीरथ-भीष्म-द्रोणादि-दर्शनम्)
एष तप्त्वा रणे शत्रून् शस्त्रतापेन वीर्यवान् । नरसूर्यो5स्तमभ्येति सूर्योडस्तमिव केशव,केशव! जैसे सूर्य सारे जगत्को ताप देकर अस्ताचलको चले जाते हैं, उसी तरह ये पराक्रमी मानवसूर्य रणभूमिमें अपने शस्त्रोंके प्रतापसे शत्रुओंकी संतप्त करके अस्त हो रहे हैं
毗舍波耶那说道:“噢计舍婆啊,正如太阳以热力炙烤世间万物而后趋向西沉;同样,这位英勇的‘人中之日’,以兵刃之威灼痛敌军于战场,如今也正走向沉落。”
वैशम्पायन उवाच