Mantri-Parīkṣā — Testing Ministers, Securing Counsel, and Ethical Criteria for Advisers (अध्याय ८४)
नरेश्वर! जो राजा चिरकालतक दण्ड धारण करनेकी इच्छा रखता हो, उसे अपनी गुप्त सलाह उसी व्यक्तिको बतानी चाहिये, जो शक्तिशाली हो और सारे जगत्के समझा-बुझाकर अपने वशमें कर सकता हो ।। पौरजानपदा यस्मिन् विश्वासं धर्मतो गता: । योद्धा नयविपश्िच्च स मन्त्र श्रोतुमहति
人中王啊!凡欲长久执持刑杖之王,当只将密谋告于强有力之人——其能以明理劝导使天下归服者。又,城邑与乡野之民依于法(达摩)而信任之人,既为战士,又通晓治国之道——此人亦堪听闻机密谋议。
भीष्म उवाच