Brāhmaṇa-bheda-nirṇaya and Rājā’s Regulatory Duties (ब्राह्मणभेदनिर्णयः)
अभ्रोत्रिया: सर्व एव सर्वे चानाहिताग्नय: । तान् सर्वान् धार्मिको राजा बलिं विष्टिं च कारयेत्,जो ब्राह्मण वेदशास्त्रोंके ज्ञानसे शून्य हैं तथा जो अग्निहोत्र नहीं करते हैं, वे सभी शूद्रतुल्य हैं। धर्मात्मा राजाको चाहिये कि इन सब लोगोंसे कर ले और बेगार करावे
毗湿摩说道:“凡非闻吠陀之士(śrotriya),以及凡未安置祭火者(anāhitāgni),持法之王当令其尽皆纳贡税(bali),并服徭役(viṣṭi)。”
भीष्म उवाच