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Shloka 2

राजधर्मप्रश्नः — Yudhiṣṭhira’s Inquiry into Rājadharma (Śānti-parva 56)

युधिषछिर उवाच राज्ञां वै परमो धर्म इति धर्मविदो विदु: । महान्तमेतं भारं च मन्ये तद्‌ ब्रूहि पार्थिव,युधिष्ठिर बोले--पितामह! धर्मज्ञ विद्वानोंकी यह मान्यता है कि राजाओंका धर्म श्रेष्ठ है। मैं इसे बहुत बड़ा भार मानता हूँ, अतः भूपाल! आप मुझे राजधर्मका उपदेश कीजिये

尤迪希提罗说道:“祖父啊!通晓达摩的贤者皆言:诸王之法为至上之法。我以为此乃沉重之担。故请您,王者啊,为我开示王法(拉贾达摩)。”

युधिषछिर उवाच