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Shloka 38

देवतापितृप्रश्नः — Nārada at Badarīāśrama: the ultimate referent of daiva and pitṛ worship

पुरा स हि क्व एव ते प्रवाति मारुतो5न्तक: । पुरा च विभ्रमन्ति ते दिशो महाभयागमे,पूर्वजन्ममें तुम्हारे सामने जो प्राणनणाशक पवन चल रहा था, आज वह कहाँ है? अब भी जब मृत्युरूप महान्‌ भय उपस्थित होगा, तब तुम्हें सम्पूर्ण दिशाएँ घूमती दिखायी देंगी; अत: पहलेसे ही सावधान हो जाओ

昔日那夺命之风——安多迦——曾在你面前吹起,如今它在何处?然而当死亡这巨大的恐怖临近时,你将见四方八面皆似旋转迷乱;因此,当预先警醒。

व्यास उवाच