Sauptika Parva, Adhyaya 8 — Dhṛṣṭadyumna-vadha and the Camp’s Nocturnal Rout
विस्फुरद्धिश्व तैद्रोंणिर्निस्त्रिंशस्पोद्यमेन च । आक्षेपणेन चैवासेस्त्रिधा रक्तोक्षितो5भवत्,मारे जानेवाले योद्धाओंका हाथ-पैर हिलाना, उन्हें मारनेके लिये तलवारको उठाना तथा उसके द्वारा सब ओर प्रहार करना--इन तीन कारणोंसे द्रोणपुत्र अश्वत्थामा खूनसे नहा गया था
三阇耶说道:因三事——将死之勇士手足抽搐,举剑以杀,以及挥剑四向劈击——德罗纳之子阿湿婆他摩竟如浴于血中。
संजय उवाच