Daiva–Puruṣakāra Saṃvāda
Kṛpa’s Counsel on Destiny and Human Effort
उत्थानस्य फलं सम्यक् तदा स लभते5चिरात् | जो वृद्ध पुरुषोंका वचन सुनकर उसके अनुसार कार्य आरम्भ करता है, वह उस कार्यका उत्तम फल शीघ्र ही प्राप्त कर लेता है
utthānasya phalaṁ samyak tadā sa labhate 'cirāt |
克利帕说道:“凡听从阅历深厚的长者之言,并立刻依之着手行事者,不久便能获得那份努力应得而上好的果报。”
कृप उवाच