Rājasūyābhiṣeka-darśana: Duryodhana’s Observation of the Consecration
ब्राह्मणा वाटधानाश्न गोमन्त: शतसड्घश: । त्रिखर्व बलिमादाय द्वारि तिष्ठन्ति वारिता:,ब्राह्यणलोग तथा हरी-भरी खेती उपजाकर जीवन-निर्वाह करनेवाले और बहुत-से गाय-बैल रखनेवाले वैश्य सैकड़ों दलोंमें इकट्ठे होकर तीन खर्व भेंट लेकर राजाके द्वारपर रोके हुए खड़े थे
婆罗门与那些以丰饶农耕为生、牛群众多的吠舍,分作数百队聚集而来,携带三“卡尔瓦”的贡礼(bali),却被拦阻在王门之前。
दुर्योधन उवाच