तान् सर्वान् स वशे चक्रे शासनादेव पाण्डव: । तत्रस्थ: प्रेषयामास वासुदेवाय भारत,रामठ, हार, हूण तथा अन्य जो पश्चिमी नरेश थे, उन सबको पाण्डुकुमार नकुलने आज्ञामात्रसे ही अपने अधीन कर लिया। भारत! वहीं रहकर उन्होंने वसुदेवनन्दन भगवान् श्रीकृष्णके पास दूत भेजा
那般度伐仅凭号令,便使诸王尽皆归服。就在彼处——噢,婆罗多——他遣使前往婆苏提婆(圣主室利·奎师那)处。
वैशम्पायन उवाच