Jarāsandha–Bhīma Niyuddha-prastāvaḥ
Commencement of the Regulated Duel
यत्र मांसादमृषभमाससाद बृहद्रथ: । तं॑ हत्वा मासतालाभिस्तिस्रो भेरीरकारयत्,उस स्थानपर राजा बृहद्रथने (वृषभरूपधारी) ऋषभ नामक एक मांसभक्षी राक्षससे युद्ध किया और उसे मारकर उसकी खालसे तीन बड़े-बड़े नगाड़े तैयार कराये, जिनपर चोट करनेसे महीनेभरतक आवाज होती रहती थी
就在那处,婆利诃陀罗他王(Bṛhadratha)曾与食肉罗刹名“利沙婆”(Ṛṣabha,形如雄牛)交战,并将其诛杀;又以其皮制成三面巨鼓,击之则声震不绝,回响可达一月之久。
वैशम्पायन उवाच