Jarā’s Account and the Enthronement of Jarāsandha (जरासंधोत्पत्तिः अभिषेकश्च)
राजोवाच का त्वं कमलगर्भाभे मम पुत्रप्रदायिनी । कामया ब्रूहि कल्याणि देवता प्रतिभासि मे,राजाने कहा--कमलके भीतरी भागके समान मनोहर कान्तिवाली कल्याणी! मुझे पुत्र प्रदान करनेवाली तुम कौन हो? बताओ। मुझे तो ऐसा जान पड़ता है कि तुम इच्छानुसार विचरनेवाली कोई देवी हो
国王说道:“噢,吉祥者,你的光彩宛如莲花之心!赐我一子者,你究竟是谁?请如实告知。于我看来,你仿佛是一位能随意往来的天女。”
श्रीकृष्ण उवाच