Samrāt-Lakṣaṇa and the Counsel to Check Jarāsandha (सम्राट्-लक्षणं जरासन्ध-प्रतिबाधा-परामर्शः)
सो<वनिं मध्यमां भुक्त्वा मिथोभेदममन्यत । प्रभुर्यस्तु परो राजा यस्मिन्नेकवशे जगत्,जरासंध मध्यभूमिका उपभोग करते हुए समस्त राजाओंमें परस्पर फूट डालनेकी नीतिको पसंद करता है। इस समय वही सबसे प्रबल एवं उत्कृष्ट राजा है। यह सारा जगत् एकमात्र उसीके वशमें है
他据有中土之地,且喜用离间之策,使诸王彼此分裂。如今他便是最强最卓绝的君王;天下万邦,尽在他一人掌握之中。
श्रीकृष्ण उवाच