षष्ट्या बिभेदाशु च वासुदेव- मनन्तरं फाल्गुमष्टभि श्व । फिर तेलके धोये और पक्षियोंके पंख लगाये गये, केंचुल छोड़कर निकले हुए सर्पोंके समान भयंकर साठ बाणोंद्वारा वसुदेवनन्दन श्रीकृष्णको भी तुरंत ही क्षत-विक्षत कर दिया। इसके बाद पुनः अर्जुनको आठ बाण मारे
ṣaṣṭyā bibhedāśu ca vāsudevam | anantaraṃ phālgunaṃ aṣṭabhiḥ śaraiḥ ||
三阇耶说道:他以六十支箭疾射,贯穿并重创了瓦苏提婆之子——克里希纳;随后又以八箭射向法尔古那(阿周那)。此报凸显战斗之凶猛:即便那位被奉为达摩之导的御者,也要承受肉身之伤;而战士的决心,则在无休止的暴烈之中受尽考验。
संजय उवाच