विदार्य पाण्डवै: क्रुद्धैस्त्वया गुप्तैरहतं विभो । 'प्रभो! तुमसे सुरक्षित रहकर ही क्रोधभरे पाण्डव योद्धाओंने धूलसे आच्छादित और समुद्रके समान उमड़ी हुई कौरव-सेनाको छित्न-भिन्न करके मार डाला है
vidārya pāṇḍavaiḥ kruddhais tvayā guptair ahataṁ vibho |
三阇耶说道:“噢,大能之主!愤怒的般度族勇士在你的庇护之下,已将那如海潮般汹涌、尘土蔽天的俱卢军撕裂并屠灭。”
संजय उवाच